sanp

दोस्तों, अगर हम आपसे कहें कि इस धरती पर पाया जाने वाला सबसे खतरनाक जीव कौन सा है तो आपकी आंखों के आगे जो तसवीर उभरेगी वो है सांप sanp की। पूरी दुनिया में अलग-अलग प्रजाती के सांप पाए जाते हैं। जैसे पाइथन, ब्लैक मांबा, स्प्लिटिंग कोबरा आदि। आपके सामने अगर सांप आ जाए तो आप क्या करेंगे। जाहिर सी बात है आप या तो उससे दूर भाग जाएंगे। या फिर उसे मारने की पूरी कोशिश करेंगे।

यही सांप अगर आपको किसी मंदिर में दिख जाए और वो भी शिव मंदिर में तो आप उसे देवता मानकर उसकी पूजा करेंगे क्योंकि यह भगवान शिव को बहुत प्रिय था। सांप कभी भी बेवजह किसी पर हमला नहीं करते। वो जब भी किसी पर हमला करते हैं तो उसके पीछे का कारण यही होता है कि उन्हें उस इंसान या उस जानवर से जो उसके सामने आया है, उससे अपनी जान का खतरा महसूस हो। कई बार सांप अपनी भूख शांत करने के लिए भी लोगों को डंस लेते हैं। चलिए आज हम आपको भारत के खतरनाक सांपों sanp के विषय में जानकारी दे दें जिसके बारे में आप में से शायद कुछ ही लोगों को पता हो।

  • भारतीय कोबरा
  • रसेल वाइपर
  • इंडियन क्रेट
  • किंग कोबरा
  • साॅ-स्केल्ड वाइपर
  • इंडियन पिट वाइपर
  • मालाबार पिट वाइपर

भारत में पाए जाने वाले खतरनाक सांप | Sanp

भारतीय कोबरा

Image Source: Wikipedia

दोस्तों, कोबरा का नाम सुनते ही आपके पसीने छूटने लगते होंगे। चलिए इसके बारे में आपको डीटेल में समझाते हैं। भारतीय कोबरा भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है। यह घातक सांप sanp यहां पाए जाने वाले एलापीडा परिवार जीनस नाजा की सबसे विशैली प्रजाती में से एक है। यह सांप भारत के अतिरिक्त म्यांमार, श्रीलंका, पाकिस्तान, दक्षिणी नेपाल, बांगलादेश और भूटान जैसे देशों में पाया जाता है। इन सापों का सबसे पसंदीदा आहार होते हैं चूहे। इन्हें अपना शिकार बनाने के लिए कई बार ये सांप इंसानी बस्तियों में भी चले जाते हैं। खेतों, मैदानी इलाकों, खुले और घने जंगल तथा शहरी इलाकों के बाहरी भाग में यह सांप अकसर पाया जाता है।

भारतीय कोबरा एक भारी शरीर वाला मध्यम आकार का सांप sanp है। इसकी लंबाई करीब 3 से पांच फुट हो सकती है। मीटर में नापें तो इसकी लंबाई होगी 1 से 1.5 मीटर। इसकी खासियत ये है कि इसके सिर का आकार अंडाकार होता है। इस सांप के पास नथुना और गोल व छोटा थूथन भी होता है। इसकी आंखें गोल होती हैं और पुतलियों का आकार मध्यम होता है। दोस्तों, भारत में सांप को ‘नाग’ भी कहते हैं। यहां तक कि नागपंचमी पर सांपों को दूध भी पिलाया जाता है। इनकी पूजा की जाती है।

एक अनुमान के अनुसार भारत में इस सांप के काटने से हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इसके अंदर सबसे विशैला न्यूरोटाॅक्सिक जहर sanp पाया जाता है। जब यह अपने शिकार के शरीर में जहर छोड़ता है, तो उसके प्रभाव से उसकी तंत्रिकाएं यानी नर्वस सिस्टम काम करना बंद कर देता है। व्यक्ति को कुछ ही सेकेंड्स में लकवा मार जाता है। आंखों से धुंधला दिखाई देने लगता है और मुंह से झाग निकलने लगता है। सही समय पर इलाज न मिलने पर उसकी मौत हो जाती है।

रेसल वाइपर sanp

यह प्राण घातक सांप सबसे पुराना और विषैला सांप sanp है। यह सांप पूरे एशिया में पाया जाता है। न केवल भारतीय उपमहाद्वीप में बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया में ताइवान तथा चीन के दक्षिणी हिस्सों में सबसे ज़्यादा देखने को मिलता है। इसके अलावा थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, श्रीलंका बांगलादेश में भी यह सांप पाया जाता है। अगल-अलग देशों में इस सांप को अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है जैसे चेन, डबोइया, इंडियन रेसल का वाइपर, काॅमन रेसल का वाइपर आदि।

आपको बता दें, भारत में इसे कोरिवाला के नाम से भी जानते हैं। इसकी लंबाई 166 सेंटीमीटर या 5.5 फिट हो सकती है। इसकी औसतन लंबाई 4 फिट होती है। यह सांप sanp मैदानी इलाकों, घने जंगलों, घांस या झाड़ी वाले इलाकों में रहना पसंद करते हैं। ये सांप एक बार में करीब 30 से 40 बच्चे देते हैं। यह सांप बहुत गुस्सैल होता है और तेजी से अपने शिकार पर हमला करता है।

इसमें पाया जाने वाला विष अपने शिकार के खून को जमा देता है। जिस जगह पर यह सांप sanp काटता है वहां पर बहुत तेज दर्द होता है, सूजन आ सकती है। इतना ही नहीं, इसके काटने से उल्टी आना, चक्कर आना, यहां तक कि गुर्दों का फेल हो जाना भी काॅमन लक्षण हैं। इसका पसंदीदा भोजन है मेंढक, छिपकली, बिच्छू, पक्षी, भूमी में पाए जाने वाले कंेकड़े आदि। रिसर्च में पाया गया है कि इस सांप के काटने से भारत में हर साल 25 हजार लोगों की मौत हो जाती है।

इंडियन क्रेट

अब बात करते हैं एक और खरतनाक सांप इंडियन क्रेट की। यह एक जहरीली प्रजाती का सांप है जो भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है। इसे काॅमन क्रेट तथा ब्लू क्रेट के नाम से भी जाना जाता है। इस सांप की एक विशेषता यह है कि इसमें सफेद धारियां होती हैं। कहते हैं कि इस सांप के जहर उगलने की क्षमता इतनी ज़्यादा होती है कि एक बार काटने से ही यह करीब 60 लोगों की जान ले सकता है।

भारत में इस सांप की 12 प्रजातियां मौजूद हैं। इसकी औसत लंबाई 3 फिट तक हो सकती है। वैसे यह 5 फिट 9 इंच तक भी अपनी लंबाई बढ़ा सकता है। इसके दांत बहुत नुकीले होते हैं जिनसे यह चूहों, बिच्छुओं जैसे जीवों को खाता है। अगर किसी व्यक्ति को यह काट ले तो उसके पेट में एंठन सी होने लगती है। अगर आपने 4 से 8 घंटे तक इस सांप के काटने के बाद इलाज नहीं करवाया तो आपका मरना तय है। मीडिया रिपोर्ट यह कहती है कि इसके काटने से भारत में करीब 10 हजार लोगों की मौत हर साल हो जाती है।

किंग कोबरा sanp

हमारी लिस्ट में अगला नंबर है किंग कोबरा का। इस सांप को देखते ही बड़े-बड़े तुर्रम खानों की सांसें एक पल के लिए थम जाती हैं। किंग कोबरा भारत के अलावा इंडोनेशिया, और मलेशिया में भी पाया जाता है। इसे किंग की संज्ञा इसलिए दी गई है क्योंकि यह सबसे खतरनाक होता है। कहते हैं कि इस सांप का काटा, पानी भी नहीं मांगता। इसकी लंबाई करीब 18 फीट तक हो सकती है। इनका औसत वजन करीब 20 किलोग्राम होता है। किंग कोबरा की खास पहचान है उसका जानलेवा डंक और विशाल आकार। अगर इसे किसी से खतरा महसूस होता है तो यह खुद को फैला लेता है ताकि यह खुद को आकार में बड़ा दिखा सके और सामने वाला व्यक्ति इससे डर जाए।

वैसे इस सांप को नौटंकीबाज भी कह सकते हैं। किंग कोबरा अपने शरीर को जमीन से 6 फिट तक ऊंचा उठा लेता है। इसके जहर के प्रभाव से व्यक्ति का नर्वस सिस्टम काफी इफेक्ट होता है। उसे धुंधला दिखने लगता है, तुरंत बेहोशी छाने लगती है। साथ ही शरीर को भी लकवा मार जाता है। यह सांप दो चम्मच के बराबर जहर आपके शरीर में छोड़ सकता है जिससे करीब 30 मिनट में ही आपकी मौत हो जाएगी। किंग कोबरा दिन के समय ज्यादा एक्टिव होता है। दुनिया का यह एकमात्र ऐसा सांप है जो कि घोंसला बनाता है। यह सांप ऊंचाई पर चढ़ने में और तैरने में भी एक्सपर्ट होते हैं।

साॅ-स्केल्ड वाइपर

ये सांप अन्य सांपों की अपेक्षा ज़्यादा छोटे होते हैं। एक वयस्क सांप की लंबाई 12 से 20 इंच तक हो सकती है। सांपों की यह विषैली प्रजाती भारत के अलावा अफ्रीका, मध्य पूर्व पाकिस्तान और श्रीलंका के शुष्क इलाकों में देखने को मिलती है। यह सांप विषैले वाइपरों के जीन्स हैं।

भारत की बात करें तो यहां पर ये सांप अधिकतर पंजाब, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के चट्टानी इलाकों में अपनी अटेंडेंस लगाते हैं। ये सांप कंटीली झाड़ियों में, पेड़ की छाल के नीचे या फिर चट्टानों के नीचे पाए जाते हैं। इनका पसंदीदा भोजन है चूहे, मेंढक, बिच्छू आदि। यह बेहद गुस्सैल होते हैं। इसके काटने से आधें घंटे में ही आपकी मौत हो जाएगी। करीब 5000 भारतीयों की जान की जान यह सांप हर साल ले लेता है।

इंडियन पिट वाइपर

दोस्तों, यह सांप भारत में पाए जाने वाले विषैले सांपों sanp में गिना जाता है। इसे भारत में बम्बू वाइपर या फिर ट्री वाइपर भी कहते हैं। भारत के दक्षिणी भाग में आपको यह सांप दिख जाएगा। इसका रंग आम तौर पर चमकीला हरा होता है। इनकी पसंदीदा जगह है बांस के पेड़ और घने जंगल। यह सांप सूखे गढ्ढे दार वन में भी पाया जाता है। भारत के पश्चिमी घाट पर इसे ज़्यादा देखा जाता है। ये छोटे पक्षियों, छिपकली, कीड़ों को खाते हैं। मादा पिट वाइपर करीब 6 से 11 बच्चों को जन्म देती है। इसकी लंबाई 110 मिमि तक भी हो सकती है।

मालाबार पिंट वाइपर

दोस्तों, अब हम जानेंगे मालाबार पिंट वाइपर के बारे में। इस सांप sanp को भारत में राॅक वाइपर का भी नाम दिया गया है। यह सांप भारत में दक्षिणी-पश्चिमी भारत में धाराओं के पास, पेड़ों और चट्टानों पर देखे जा सकते हैं। जिस व्यक्ति को यह सांप काट ले उसके रक्त और मांसपेशियों पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है। यह सांप बहुत ही धीमी गति से चलने वाला सांप है। ये अपनी सुरक्षा के लिए छल करता है। इसका पसंदीदा भोजन है मेंढक, छिपकली और पक्षी। मादा वाइपर 4 से 5 बच्चों को जन्म देती है। यह सांप भी सीधे बच्चे देता है अंडे नहीं देता। यह सांप अधिकतर दिन में आराम करता है और रात में शिकार करता है।

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