indian army hathyar

उस देश की सरहद को कोई छू नहीं सकता। जिस देश की सरहद की निगेहबान हैं आँखे। दोस्तों दूरदर्शन पर कई वर्षों पहले एक सीरियल आता था ‘आंखें’ जिसकी ये टैगलाइन थी। ये बात 16 आने सच है। भारत के पास ऐसे हथियार indian army hathyar हैं जिसे देखकर देश के दुश्मनों की रूह तक कांप जाए। अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाने के लिए और दुश्मन रूपी नाग को फन उठाने से रोकने के लिए हर वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इस दिन थल सेना, जल सेना और वायु सेना, ये तीनों सेनाएं अपना शक्ति प्रदर्शन करती हैं। दोस्तों, किसी भी देश की नींव उस देश की आर्मी होती है। अगर आर्मी मजबूत होगा तो ही देश मजबूत होगा। कोई भी उस देश की सरहद तक को छू नहीं सकता जिस देश की सरहद पर सैनिक चैबीसों घंटे तैनात रहते हैं और दुश्मन की चाल को नाकाम कर देते हैं। सेना तभी मजबूत होगी जब सेना के पास मजबूत और कारगर हथियार होंगे। आज हम आपको भारत के ऐसे ही कुछ हथियारों के बारे में बताएंगे जिसने दुश्मनों की नींद उड़ा कर रखी है।

ये हैं भारत के ताकतवर हथियार | Indian Army Hathyar

1. सुखोई 30 एमकेआई

दोस्तों, यह भारत का सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान indian army hathyar हैं। अगर बात की जाए इसके निमार्ण की तो यह लड़ाकू विमान भारत की हिन्दुस्तान एरोनाॅटिक्स लिमिटेड तथा रूस की सुखोई विमान निमार्ण कम्पनी दोनों के समयोग से बनाया गया है। इस विमान की खासियत यह है कि ये विमान मल्टीपरपस है। अब इस विमान की मारक क्षमता पर भी नजर डाल लेते हैं। इस विमान की मारक क्षमता है करीब 3000 किलोमीटर। एक और विशेषता इसे दूसरे विमानों से अलग करती है। यह विमान ईंधन खत्म हो जाने पर हवा में ही ईंधन भर पाने में सक्षम है। अगर कभी युद्ध की स्थिति आई और दुश्मन पर इस विमान से वार कर दिया तो उसका मिटना तय है।

2. ब्रह्मोस मिसाइल

दोस्तों, यह एक रैमजेट सुपरसाॅनिक क्रूज मिसाइल indian army hathyar है। हालांकि इसकी दूरी कम जरूर है लेकिन ये दुश्मन के टुकड़े-टुकड़े करने का दम रखती है। आपको बता दें कि यह मिसाइल पानी के जहाज से, पन्डुब्बी से, जमीन से यहां तक कि विमान से भी छोड़ी जा सकती है। इस मिसाइल को भारत की सर्वश्रेष्ठ कम्पनी डीआरडीओ और रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया ने संयुक्त रूप से बनाया है। इस मिसाइल को रूस की पी-800 की तर्ज पर बनाया गया है। अगर इसे भारतीय सेना का ब्रह्मास्त्र कह दें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

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3. आइएनएस चक्र

अब बात करते हैं आईएनएस चक्र की। यह पानी के अंदर रहकर देश के दुश्मनों को अपने निशाने पर लेती है और भारत की सरहद की सुरक्षा indian army hathyar में तैनात है। इसे भारत देश की आवश्यकता अनुसार डिजाइन किया गया है। इसकी विशेषता यह है कि इसमें क्लब एंटी शिप मिसाइलें रहती हैं। ये मिसाइलें 8.533 एमएम टोर्पेडो ट्यूब से दुश्मन पर अटैक कर सकती है।

4. फैलकाॅन एडब्लूएसीएस

दोस्तों, वो कहावत तो आपने सुनी ही होगी, देर आए दुरुस्त आए। ऐसा ही कुछ फैलकाॅन के साथ भी हुआ। माना कि यह हमारे भारत देश के पास काफी देरी से पहुंचा, लेकिन इसमें गजब का पावर है। यह दुश्मन देशों द्वारा की जा रही गतिविघियों पर अपनी पैनी नजर बनाए रखता है। एयरबोर्न इयरली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम में यह हथियार indian army hathyar सबसे ज्यादा एडवांस है। यह कई किलोमीटर दूर से दुश्मनों की आने वाली मिसाइलों पर भी नजर रख सकता है।

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4. आई एन एस विक्रमादित्य

भारत की सुरक्षा करने में यह बहुत कारगर साबित हो सकता है। इसे भारतीय सेना की सबसे बड़ी और मूल्यवान सम्पत्ति भी कहा जा सकता है। यह जहाज आकार में कितना बड़ा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें मिग-29 के 24 फाइटर्स और साथ ही 6 एएसडब्लू हेलिकाॅप्टर्स indian army hathyar भी रखे जा सकते हैं। अगर वजन की बात की जाए तो इसका वजन करीब 45 हजार टन है। इसकी एक और खासियत यह है कि ये एयर बोर्न रडार सिस्टम से भी आसानी से बच सकता है।

टी-90 एस भीष्म

दोस्तों अब बारी आती है इस जादूई टैंकर indian army hathyar की। जादूई इसलिए क्योंकि यह टैंकर भारत के दुश्मनों पर 125 एमएम गोले दागता है जिससे देश के दुश्मन गायब हो जाते हैं। तो हुआ न ये जादू। इसके साथ ही इस टैंकर से एंटी टैंक मिसाइल को भी फायर किया जा सकता है। आपको बता दें, इसमें 12.7 एमएम वाली मशीन गन भी लगी है। इस मशीन गन को रिमोट सिस्टम की मदद से कंट्रोल किया जा सकता है।

पी-81 नेप्ट्यून

दोस्तों भारत की सीमा विभिन्न महासागरों से घिरी रहती है। ऐसे में इन महासागरों की सुरक्षा का जिम्मा भारत पर है। भारतीय सेना के पास मौजूद पी-81 नेप्ट्यून एयरक्राफ्ट इसमें मदद करता है। यह एयरक्राफ्ट दूसरे एयरक्राफ्टों से बिलकुल अलग है। इसकी खासियतों पर नजर डालें तो यह अपने बेस से करीब 2000 किलोमीटर indian army hathyar तक दूर जा सकता है और वहां पर दुश्मन की सबमरीन को खत्म करके चार घंटे में वापस भी आ सकता है। बताते चलें, कि इसमें करीब 120 सोनोबाॅयस मौजूद होते हैं। भारतीय नौसेना को इसी से मजबूती मिलती है।

नामिका (नाग)

यह भारतीय सीमा की सुरक्षा में तैनात एक सुपर पावर टैंक है। ऐसे बहुत ही कम देश हैं जिनके पास इस टैंक के निर्माण की टेक्नोलाॅजी हो जिनमें भारत का शामिल होना गर्व की बात है। इस टैंक से मिसाइलों को दुश्मन की छाती पर दाग कर उसे खत्म कर दिया जाता है। इसमें 8 मिसाइलों की मारक क्षमता समाहित indian army hathyar है। यह एक टार्गेट बेस टैंकर है जिसमें से छोड़ी गई मिसाइल अपना टार्गेट सेट करती है और फिर दुश्मन के ठिकानों को नष्ट कर देती है। यह टैंक रात में भी और यहां तक कि पानी में भी टार्गेट को सेट करके वार कर सकने में सक्षम है। हालांकि इसकी रेंज बहुत कम है। लेकिन हम इसे छोटा पैकेट बड़ा धमाका कह सकते हैं।

बीएमडी प्रोग्राम

अब आपको बीएमडी प्रोग्राम की ताकत के बारे में जानकारी indian army hathyar देते हैं। दरअसल, यह कम रेंज की मिसाइलों के लिए घातक हथियार है। इस हथियार में पीएडी यानी पृथ्वी एयर डिफेंस तथा एएडी यानी एडवांस एयर डिफेंस के साथ ही पाइन रडार भी लगा हुआ है। दुश्मन देश सोच भी नहीं सकते, उतने किलोमीटर तक यह उनकी मिसाइलों को हवा में ही रोक देता हैै। बता दें कि यह हथियार 80 से 2000 किलोमीटर के दायरे में वार करके दुश्मन की मिसाइल को तबाह कर देता है।

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पिनाका

दोस्तों अब लास्ट बट नाॅट द लीस्ट। हमारी इस लिस्ट में आखिरी नंबर पर यह पिनाका जरूर है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ये कमजोर हथियार है। दरअसल, यह हथियार राॅकेट को लाॅन्च करने के काम में आता है। इसकी क्षमता इतनी ज्यादा है कि यह करीब 40 किलोमीटर की रेंज तक गोले दागता है। इसके अलावा यह 12 राॅकेट भी दाग सकता है। अभी हाल के दिनों में ही इसमें कुछ बदलाव करके इसकी मारक क्षमता को 65 किलोमीटर कर दिया गया है। पूरी दुनिया को हिला कर रख देने वाले अमेरिका के पास जो ए 270 हथियार है, यह उससे कई गुना सस्ता और प्रभावशाली है। एक अनुमान के अनुसार भारतीय सेना करीब 5000 राॅकेट का निर्माण हर वर्ष करती है। साथ ही 15 बैटरियां भी ऑर्डर करती है।

तो दोस्तों, उम्मीद है आपको यह लेख पसंद आया होगा। एसी ही और नाॅलेजेबल स्टोरीज़्ा जानने के लिए बने रहिए ग्लोबल केयर के साथ।

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